Star and delta connection / Star and delta क्या होता है

March 07, 2019

Star and delta connection

Three Phase induction motor को चलाने के लिए एक Stater होता है और एक Rotor भी होता है. Stater में 3 Phase  वाइंडिंग होती है. जोकि थ्री फेज (three phase) की AC सप्लाई के साथ में जोड़ी जाती है.लेकिन इंडक्शन मोटर (induction motor) को शुरू होने में काफी ज्यादा पावर की जरूरत पड़ती है

अगर starting Current की तुलना Full Load Current से की जाए तो starting Current Full Load Current  से 6 से 7 गुना ज्यादा होता है।ज्यादा current के कारण motor गरम हो जाती है और साथ में बाइंडिंग भी जल जाती है मोटर(motor) को कोई खतरा ना हो या कोई नुकसान ना हो इसीलिए मोटर स्टार्टर (motor starter)का इस्तेमाल किया जाता है. और इस Post में आपको Star Delta Motor Connection in Hindi, Star Connection Diagram In Hindi, Star Connection In Hindi ,star delta से संबंधित पूरी जानकारी  देने की कोशिश की जाएगी .

स्टार डेल्टा स्टार्टर में दो प्रकार की वायरिंग होती है

1-control wiring
2-power wiring


           Control wiring
Star and delta connection kaise hota hai 
Star and delta connection used things

3 contractor
1overload relay
 NO पुश बटन,
1 NC पुश बटन

1 timer का इस्तेमाल किया जाता है. Timer का इस्तेमाल Star कॉन्ट्रैक्टर को बंद करने और थोड़े समय के बाद में Delta कांट्रेक्टर को शुरू करने के लिए किया जाता है।

आप इंटरनेट पर कहीं भी सर्च करेंगे लेकिन आपको star and delta startor की control wiring आसानी से कहीं पर भी नहीं मिल सकती 
मैंने जो आपको यह स्टार डेल्टा कनेक्शन/star and delta connection के कंट्रोल वायरिंग (wiring) की post शेयर की है यह पूर्ण रूप से सही है तथा जब star and delta startor, working condition  में होता है तो उसमें बहुत से फॉल्ट्स भी आते हैं।

Faults in star and delta wiring

1-contractor coil burn
2-no,nc don't working properly
3-mcb burn
4-timer not working
5-phase missing

1-contactor coil burn-अगर हमारे स्टार डेल्टा स्टार्टर (star and delta startor)में स्थित किसी contactor की क्वायल/coil जल गई है तो हम किसी पुराने contactor की क्वाइल को उसमे से निकाल कर इस जले हुए contactor में लगा सकते हैं तथा हमारा contactor द्वारा से सुचारू रूप से काम करना स्टार्ट कर देता है इससे हमें नए contactor को खरीदना नहीं पड़ता अगर पुराना contactor नहीं है तब हमें नया contactor खरीद कर लगाना पड़ेगा

2-no,nc burn- स्टार डेल्टा स्टार्टर (star and delta startor)के लगातार कार्य करने के कारण contactor के ऊपर लगे हुए हैं no,nc खराब हो जाते हैं तथा हमारे start push button तथा stop push button में भी no,nc  होते हैं अगर यह खराब हो गए हैं तो इन्हें तुरंत ही चेंज कर देना चाहिए हमें चेंज करना बहुत ही आसान होता है तथा ध्यान रखना चाहिए सीएनसी पुश बटन लाल रंग Ka होता है तथा अनु पुश बटन हरे रंग का होता है

3-mcb burn- लेकिन स्टार डेल्टा स्टार्टर (star and delta startor) या किसी भी प्रकार की है स्टार्टर(startor)में लगी हुई है MCB कभी भी ज्यादा गर्म होने की वजह से जल सकती है तथा इसे  repair नहीं किया जा सकता तथा इसे बदलना ही सबसे अच्छा रहता है और हमारा स्टार्ट है दोबारा से सुचारू रूप से कार्य करने के लिए तैयार हो जाता है

4-timer not working-  देखे friends, स्टार डेल्टा स्टार्टर(star and delta timer) में टाइमर के खराब होने की संभावना बहुत ही ज्यादा होती है क्योंकि यह पूरे स्टार्टर (startor)के रनिंग टाइम में चालू रहता है स्टार्टर(startor) खराब होने की स्थिति में हमें से तुरंत चेंज कर देना चाहिए।

5-phase missing- हमारे स्टार डेल्टा स्टार्टर(star and delta startor) मे phase missing का मुख्य कारण किसी एक फेज वायर का जल जाना होता है किसी phase के जल जाने के कारण हमारी मोटर सही तरह से चल नहीं पाती अगर वह चलती है तो बहुत ही धीरे-धीरे चलेगी और साथ में आवाज करेगी तथा हमें तुरंत ही स्टार्टर(startor) को बंद कर देना चाहिए तथा जले हुए wire को properly लगा देना चाहिए।
Star and delta connection / Star and delta क्या होता है Star and delta connection / Star and delta क्या होता है Reviewed by Indrajeet Saini on March 07, 2019 Rating: 5

Star delta startor in hindi, स्टार डेल्टा स्टार्टर क्या होता है

March 01, 2019

Star delta startor

Star delta startor kya hota hai
स्टार डेल्टा स्टार्टर(star delta startor) इसका प्रयोग 5hp से ज्यादा की मोटर के लिए किया जाता है स्टार डेल्टा स्टार्टर का उपयोग किस लिए किया जाता है कि जब हमारी मोटर स्टार्ट होती है तो वह बहुत ज्यादा करंट लेती है तथा ज्यादा करंट लेने के कारण उसके बाइंडिंग जल भी सकती है इंडस्ट्रीज में Star delta startor का प्रयोग बहुत ही ज्यादा होता है इसके द्वारा थ्री फेज इंडक्शन मोटर को चलाया जाता है सबसे पहले हमारी भी इंडक्शन मोटर स्टार में चलती है तथा कुछ सेकेंड बाद गया डेल्टा में चलने लगती है यह सब स्टार डेल्टा स्टार्टर( Star delta startor)के कारण होता है

स्टार डेल्टा स्टार्टर(star delta startor) बनाने के लिए सामग्री

1-no
2-nc
3-3 contactor
4-olr
5-timer

No push button का प्रयोग स्टार्टर को चलाने के लिए होता है तथा nc push button का प्रयोग स्टार्टर को बंद करने के लिए होता है तथा स्टार डेल्टा स्टार्टर में हम 3 कांट्रेक्टर का यूज़ करते हैं एक main contactor दूसरे को star contactor तथा तीसरे को delta contactor बनाते हैं जिसमें की main contactor startor के on  होने के साथ ही on/hold हो जाता है तथा इसके साथ ही टाइमर से निकला हुआ nc star contactor को भी on/hold कर देता है और कुछ ही सेकंड बाद star contactor बन्द होकर delta contactor लग जाता है इन तीनो contactor की आपस मे interlocking होती है।

Basic fault

Star delta startor की relay अगर ट्रिप हो गई है तो हमें relay  को resat करना होता है तथा हमारा starter फिर से रनिंग कंडीशन में आ जाता है

 आशा करता हूं आपको हमारी है पोस्ट पसंद आ रही होगी इस पोस्ट से आपको समझ में आ गया होगा कि स्टार डेल्टा स्टार्टर क्या काम करता है तथा हम अपनी अगली पोस्ट में इन स्टार डेल्टा स्टार्टर का कनेक्शन कैसे होता है यह विस्तार से समझाइए अगर आपको कोई भी जानकारी चाहिए हो स्टार डेल्टा स्टार्टर से संबंध में तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट कर पूछ सकते हैं
Star delta startor in hindi, स्टार डेल्टा स्टार्टर क्या होता है Star delta startor in hindi, स्टार डेल्टा स्टार्टर क्या होता है Reviewed by Indrajeet Saini on March 01, 2019 Rating: 5

Types of motors in hindi, मोटर कितने प्रकार की होती हैं

February 24, 2019

   Type of electric motor


मोटर खरीदते समय, ज्यादातर यह पूछा जाता है कि कौन सी मोटर तकनीकी तौर पर  बेहतर है, ac या dc, लेकिन तथ्य यह है कि यह requirement और investment पर निर्भर है।
Type of electric motor
अपनी पिछले पोस्ट में आ रही कमेंट के आधार पर
मैंने  types of electric motor means मोटर कितने प्रकार की होती है यह post लिखी है।

1-Ac motors
2-dc motors
3-special motors

1-ac motors

>Asynchronous motors(induction motors)
>Synchronous motors

>Asynchronous motors
  Squirrel cage induction motor
  Slip ring induction  motor

2-dc motors

Dc shunt motors
Dc series motors
Dc compound  motors
Dc permanent magnet motor


3-Special  motors

Universal  motors
Stepper motors
Servo motors
Brushless dc motors
Linear motors


आशा करता हूं आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगी होगी आपको पोस्ट में कोई भी क्वेरी हो तो आप मुझसे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं मैं आपकी क्वेरी के अनुसार आंसर देने की पूरी कोशिश करूंगा
Types of motors in hindi, मोटर कितने प्रकार की होती हैं Types of motors in hindi, मोटर कितने प्रकार की होती हैं Reviewed by Indrajeet Saini on February 24, 2019 Rating: 5

What is skill training in hindi,skill training kya hai, skill training कैसे होती है।

February 17, 2019

      What is Skill Training

Skill training in hindi और यह कैसे होती है?

Skill training-महान क्षमता बा प्रवीणता, प्रशिक्षण, अभ्यास इत्यादि से प्राप्त होने वाली विशेषज्ञता, समझ,ज्ञान या निर्णय यह होती है किसी व्यक्ति की skill समाज में बढ़ते हुए अनइंप्लॉयमेंट को नजर में रखते हुए मैंने यह skill training की पोस्ट लिखी है जिसे लोग गूगल पर soft skill training in hindi,what is soft skills explain in hindi कुछ इस तरह सर्च करते हैं
What is skill training in hindi,skill training kya hai, skill training कैसे होती है।
हम अपनी इस पोस्ट में विशेष रूप से छात्रों में स्किल devolepment के लिए कुछ पोस्ट लिख रहे हैं हम skill training की इस post के द्वारा छात्रों को कंपनी इसमें इंटरव्यू के दौरान पूछे गए क्वेश्चन के आंसर देने में आसानी होगी या फिर हम ऐसा भी कह सकते हैं कि हम इंटरव्यू में पूछे जाने वाले ज्यादा से ज्यादा क्वेश्चन स्कोर शार्ट में आपने इस पोस्ट में लिख रहा हूं।

हम अपनी इस पोस्ट में इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सभी क्वेश्चन स्कोर क्रमबद्ध तरीके से डिस्क्राइब करने जा रहे हैं हमारी यह सभी क्वेश्चन technical based होंगे।
चलिए शुरू करते हैं

skill training / technical interview qus

1-Bridge rectifier

Bridge rectifire/दिष्टकारी या रेक्टिफायर (rectifier) ऐसी युक्ति है जो की आवर्ती धारा (alternating current/ AC) को दिष्टधारा (DC) में बदलने का कार्य करती है। इसका मतलब रेक्टिफायर, ए.सी. Current से डी.सी. Current परिवर्तक है। दिष्टकारी बहुत ज्यादा प्रयोग में आता है क्योंकि आजकल  बहुत से उपकरण (जैसे,mobile charger, रेडियो, टीवी, माइक्रोवेव आदि) डीसी से ही चलते हैं

2-plc(programmable logic controller)

प्रोग्रैमेबल लाजिक कंट्रोलर (PLC) या  डिजिटल कंप्यूटर है। इसे programme controller भी कहते हैं जो कि विद्युत-यांत्रिक(automation process) प्रक्रिया को स्वचालित बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह फैक्टरी समायोजन लाइन पर मशीनरी के नियंत्रण, मनोरंजन आदि automation के काम में लिया जा सकता है। PLC कई उद्योगों (indutries)और मशीनों(machines) में इस्तेमाल किया जाता है।  plc skill traning

3-Ro(reverse osmosis) plant- RO प्लांट  इसमें की RO की full form reverse osmosis होती है industries एवं घरेलू उपयोग में आने वाले जल की बड़ी मात्रा दूषित जल के रूप में होती है। ये दूषित जल किसी भी नदी, नाले, तलाव में मिलने पर उसे प्रदूषित कर देते हैं। जिसके कारण जलस्रोत का जल, पीने अथवा अन्य मानवीय उपयोग में लाने योग्य नहीं रह जाता है। ज्यादातर देखा जाता है कि जलस्रोत में  pollution इतना बढ़ जाता है कि मवेशी अथवा खेती के लिए भी यह प्रयोग करना संभव नहीं होता है
What is skill training in hindi,skill training kya hai, skill training कैसे होती है।
अतः इस दूषित जल के किसी जलस्रोत में मिलने से पूर्व उसका सही उपचार आवश्यक है ताकि जलस्रोतों पर उसका दुष्प्रभाव(Side effects) कम से कम मात्रा में पड़े। आज के समय में बहुत से लोग आरो प्लांट लगाकर अच्छा बिजनेस कर रहे हैं यह एक ऐसा buisness है जो इस समय में तेजी से उभरता जा रहा है साथ ही बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं जो इस बिजनेस को स्टार्ट करना चाहते हैं सबसे पहले यह जानते हैं कि यह कैसे काम करता है तथा RO ro water plant, business आखिरकार होता क्या है?

Mig welding

MIG welding को हम metal active gas (MAG) welding, या Gas metal arc welding (GMAW) भी कहते है।
यह एक welding process है जिसमे work piece और consumable वायर electrode के बीच में electric arc रूप ले लेती है. यह work piece के metal को heat करती है, जिससे melt और join बनता है. electrode wire के साथ shielding gas को welding gun के द्वारा feed किया जाता है.

लेकिन constant current और alternating current भी use हो सकते है.

यह process, automatic और semi automatic दोनों प्रकार की होती है, सामान्य रूप से इसमें constant voltage और direct current पावर use होता है।


 आशा करता हू स्किल ट्रेनिंग की यह पोस्ट अच्छी लगी होगी
What is skill training in hindi,skill training kya hai, skill training कैसे होती है। What is skill training in hindi,skill training kya hai, skill training कैसे होती है। Reviewed by Indrajeet Saini on February 17, 2019 Rating: 5

Screw Compressor / Compressor क्या है।

February 13, 2019

Screw Compressor

Screw compressor या industrial air compressor   जिसका प्रयोग बहुत ही पहले से होता आ रहा है हमने अक्सर यह साइकिल की दुकान में हबा भरने के लिए उपयोग में लाते हुए देखा होगा इसे  वायु संपीडक भी कहते हैं यह वातावरण की बायु को अपने में लेकर उसका दाब बढ़ा देता है तथा टैंक में स्टोर कर लेता है तथा आवश्यकता पड़ने पर हम इस बायु का उपयोग अलग अलग कार्यों में करते हैं।Screw Compressor क्या है? जानने से पहले जाने कंप्रेसर(compressor) क्या है?
Screw Compressor / Compressor क्या है।

Screw Compressor, compressor शब्द से ये पता चलता है की compress करने के काम आती है और ये ठीक भी  है क्यूंकि Compressor का इस्तेमाल air को compress करने के लिए होता है।

Compressor क्या है। इन air compressor का इस्तेमाल हमारे घरों में refrigerator (fridge) और air conditioner (Ac) मे भी होता है। तथा refrigerator (fridge) और air conditioner में प्रयोग होने वाला compressor, industry मे प्रयोग होने वाले screw compressor से अलग होता है स्क्रू कंप्रेसर(screw compressor)का योग प्रयोग ज्यादातर इंडस्ट्रीज में क्या जाता है। आगे विस्तार से पढ़ें  Screw Compressor क्या है।


विभिन्न प्रकार के air compressor से घिरे हुए हैं लेकिन  हमें air compressor के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं  है।

इसलिए मैंने आज यह पोस्ट लिखी है कि Compressor ,Screw Compressor क्या है।, screw compressor कैसे काम करता है और इसके प्रमुख भाग कौन से होते हैं एयर कंप्रेसर  की जानकारी होना  काफी जरूरी है  तो मैं  आपको एयर कंप्रेसर (Industrial air compressor) की जानकारी देने की कोशिश कर रहा हूं आशा करता हु कि आप सभी लोगों के सवालों के जवाब आपको आसानी से मिल सके।

Screw compressor को दो भागों में बांटा गया है

1-motor power source unit
2-compression unit

1-motor power source unit- air

compressor की मोटर को पावर सप्लाई देने पर यह चलने लगती है तथा इस मोटर से एक कप लिंग द्वारा कंप्रेशन यूनिट जुड़ी होती है तथा मोटर की पावर सप्लाई द्वारा कंप्रेशन यूनिट में स्थित screw  घुमाया जाता है
Screw Compressor / Compressor क्या है।
2-compression unit-
compression unit  वातावरण से air को लेकर उसको screw द्बारा compress करके टैंक में निश्चित pressure पर स्टोर करता है compression unit मे दो screw होते हैं compression unit में स्थित शंकु के आकार का यह screw जो की starting में coupling की साइट पर चौड़ा होता है तथा आगे जाता हुआ पतला हो जाता है।

चौड़ी साइट पर वातावरण की air को छोड़ा जाता है जिससे कि यह air पतले साइड में जाते हुए compress हो जाती है तथा यह compress हुई air radiator में घूमते हुए ठंडी होती है तथा यह receiver tank में स्टोर हो जाती है  receiver  टैंक में पहले से सुनिश्चित किए गए प्रेशर पूरा हो जाने पर intake valve बंद हो जाता है। तथा process pressure कम होने पर दुबारा से start हो जाती है।

Screw compressor//Industrial air compressor के मुख्य parts:

1- Driving Motor
2-Cylinder liner
3-Piston
4-Frame and crankshaft
5- Oil pump
6- Suction and Discharge valve
7-water pump
8-radiator(cooler)
9-Piston Rod
10-Connecting rod:
11- Main bearing and Big end bearing
12- Crank shaft

मुझे आशा है कि आपको हमारी स्क्रू कंप्रेसर(screw compressor) की यह पोस्ट अच्छे से समझ में आ गई होगी अगर आपको इस पोस्ट से रिलेटेड कोई भी क्वेरी हो तो आप कमेंट बॉक्स में कर सकते हैं
Written by-Rajeev saini
Developed by-inderjeet saini
Screw Compressor / Compressor क्या है। Screw Compressor / Compressor क्या है। Reviewed by Indrajeet Saini on February 13, 2019 Rating: 5

Dol Starter क्या होता है

February 08, 2019

      Dol Starter in Hindi

Dol Starter क्या होता है या Direct On Line Starter क्या होता है।

Dol Starter या Direct On Line Starter का उपयोग 5hp से कम की motors को start करने के लिए होता है इसलिए हमें यह पता कर लेना चाहिए कि हम जिस मोटर में डोल स्टार्टर का प्रयोग करने जा रहे हैं वह कितने Hp की है तथा कितनी phase की है अर्थात वह कितना लोड लेती अगर मैं 5hp से कम लूट लेती है तो हम डोल स्टार्टर का उपयोग करते हैं तथा उससे ज्यादा लोड पर हम स्टार डेल्टा स्टार्टर का प्रयोग करते हैं।

डोल स्टार्टर के बहुत ज्यादा फायदे होते हैं उनमें से एक बड़ा फायदा यह है कि पावर जाने के बाद द्वारा आने पर यह श्वेता स्टार्ट नहीं होता है तथा स्टार्ट करने के लिए किसी व्यक्ति की जरूरत पड़ती है


Dol starter in hindi या Direct On Line Starter

डोल स्टार्टर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

1-MCB
2-NO CONTACT
3-NC CONTACT
4-CONTACTOR
5-OLR(OVER LOAD RELAY)
6-NO AIXILIARY CONTACT BLOCK

Dol startor in hindi
 Dol Starter क्या होता है 

Working & Construction of dol startor
हम अपनी dol startor/ Direct On Line Starter की पोस्ट  के construction को दो भागों में डिवाइड करते हैं।

1-power wiring
2-control wiring

1-Power wiring- dol startor/Direct On Line Starter की power wiring बहुत ही सरल होती है इसको समझना कोई बड़ी बात नहीं है तथा आप दिए गए डायग्राम से उसको आसानी से समझ सकते हैं इसमें सबसे पहले 1 MCB का उपयोग करते हैं जो कि हमारी मोटर के load के हिसाब से लगाई जाती है अगर मोटर 3 phase की है तो हम mcb, 3 terminal की लगाते है तथा mcb से निकले phase wire contactor को दिया जाता है इसके नीचे एक ओवरलोड रिले लगाते हैं जोकि आई करंट आने पर सप्लाई को ब्रेक कर देता है तथा मोटर को सप्लाई नहीं जाती है

2- Control wiring- कंट्रोल वायरिंग इसमें किसी भी एक phase/supply voltage को mcb से कनेक्ट करते हैं तथा यह एनसीपी से होता हुआ एलसी कांटेक्ट में जाता है रांची कांटेक्ट के दूसरे सिरे को ओवरलोड रिले को दे देते हैं जोगी हाई करंट होने पर सर्किट को तोड़ देता है कथा दूसरा सिरा हेलो कांटेक्ट को देते हैं तथा इसके साथ हम चित्र में दिखाएं अनुसार इस होल्डिंग वायर के लिए ओम सैलेरी कांटेक्ट का प्रयोग करते हैं तथा दूसरा सिरा कॉन्टेक्टर की कोयल को दे देते हैं जिसका की पहले से ही दूसरा सिरा न्यूट्रल से जुड़ा होता है

Working of dol startor

Dol startor / Direct On Line Starter की working बहुत ही सिंपल होती है तथा इसे हम बहुत ही आसानी से प्रयोग करते हैं इसमें इसमें एनसी कॉन्टैक्ट के लिए हम हरे बटन का प्रयोग करते हैं तथा ऐना कांटेक्ट के लिए लाल रंग के बटन का प्रयोग करते हैं जब हम एलसी कांटेक्ट यानी कि हरे रंग के बटन को दबाते हैं तो कॉन्टेक्टर ऑन हो जाता है इसका मतलब सप्लाई जरा कॉन्टेक्टर की कोयल को चली जाती है तथा जैसे ही हम हाथ हटाते हैं तब होल्डिंग करंट से करंट प्रोवाइड कराने लगती है और लाल रंग का no1 दबाने पर यह होल्डिंग सप्लाई को रोक देती है स्टार्टर बंद हो जाता है


Dol startor
Dol Starter क्या होता है  Dol Starter क्या होता है Reviewed by Indrajeet Saini on February 08, 2019 Rating: 5

Press Machine । Working of Press Machine

February 05, 2019

         PRESS MACHINE

Press machine- ज्यादातर सभी कंपनियों में Press machine का प्रयोग तो होता ही है Press machine छोटी से लेकर बहुत बड़े साइज तक की होती है इनका साइज एक घर के बराबर तक होता है manufacturing industry में 50 टन से 1200 टन तक की प्रेस मशीन का होना स्वभाविक है Press machine द्वारा किसी भी सीट को किसी भी आकार में काटा या मोड़ा जा सकता है।
Press Machine ।  Working of Press Machine
इसका प्रयोग काफी पुराने समय से होता चला आ रहा है लेकिन आजकल इसका प्रयोग तकनीक के विकसित होने के साथ-साथ बढ़ता गया है तथा china की yangli कंपनी की  Press machine का प्रयोग बहुत ज्यादा बढ़ रहा है  

Chinese press machine इसमें safety  का बहुत ज्यादा ध्यान रखा जाता है साथ ही साथ अब देसी Press machine में भी बहुत अच्छी सेफ्टी दी जा रही है Press machine को चलाने के लिए air तथा electricity का प्रयोग होता है।

इसमें electricity का उपयोग विशेष रूप से प्रेस मशीन की मोटर को चलाने तथा electrical components को ऑपरेट करने के लिए होता है  Press machine में air सिलेंडर होता है जिसमे की air को स्टोर किया जाता है

 तथा इस air का उपयोग करके Press machine की slide पर एक डाई लगी होती है उसको ऊपर नीचे करा जाता है प्रेस मशीन की मोटर 1 flying wheel  को चलाती है।

जिससे कि flying wheel घूमता रहता है जो मोटर होती है तथा clutch पर हम एयर देते हैं तथा एयर को हम duel electrical valve के द्वारा कंट्रोल करते हैं जैसे ही हम air valve  को ओपन करते हैं  clutch के अंदर जाती है तथा clutch flying wheal से चिपक जाता है।

Welding In Hindi - Electric Arc Welding, Gas Welding, Mig Welding

तथा स्लाइड को नीचे कर देती है तथा फिर अपनी जगह पर आ जाती है इस प्रकार यह सारी press machine कार्य करती हैं press machine को semiautomatic तथा automatic रूप से चलाया जाता है।

ज्यादातर companies मे press machine को चलाने के लिए एक ऑपरेटर होता है ऑपरेटर स्लाइड के आगे पुश बटन द्वारा स्लाइड को ऊपर नीचे करता है तथा इसमें आगे की साइड में दो safety sensor लगे होते हैं जो उसके हाथों को स्लाइड में दबने से बचाते हैं।

जैसे ही ऑपरेटर का हाथ स्लाइड के पास जाता है air valveस,air की supply clutch से बंद हो जाता है तथा slide नीचे नहीं आती।

         Working of Press Machine

 Working of press machine- प्रेस मशीन की working को समझने के लिए सबसे पहले हम प्रेस मशीन के इलेक्ट्रिकल पैनल की मेन MCB को ऑन करते हैं जिससे कि प्रेस मशीन के सारे इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट एक्टिव हो जाते हैं।

तथा स्लाइड के आगे की ओर 2 पुश बटन मिलते हैं push button को दबाने पर स्लाइड ऊपर नीचे आती है स्लाइड के ऊपर नीचे आने का कारण क्लच पर दी गई एयर होती है जब clutch पर air दी जाती है तो पहले से घूम रहे फ्लाइंग विल के द्वारा क्लच प्लेट लॉक हो जाती है तथा स्लाइड नीचे आ जाती है तथा यह ईयर प्रेस मशीन के एयर रिसीवर टैंक से आती है।

Electric Generator, AC Electric Generator, DC Electric Generator in Hindi

इसे रिसीवड टैंक का pressure 3kg तक रखा जाता है प्रत्येक slide पर 1 डाई लगी होती है इस ड्राई के द्वारा हम sheet को काट या मोड़ सकते हैं है उसी प्रकार के डाई हम इस लाइन में लगा देते हैं कुछ कंडीशन में अगर हमारी एयर रिसीवर टैंक में एयर कम है तब हमारी प्रेस मशीन नहीं चलती है
हमें यह रिसीवर टाइम को proper 3 kg तक का pressure देना होता है यह pressure, press machine के साइज के अनुसार थोड़ा कम ज्यादा हो सकता है तथा बड़ी press machine में mechanical तकिया की सुविधा भी होती है।

जब हमारा कोई पाठ भारी होता है और डाई में फंस जाता है तो mechanical तकिया नीचे से इसको ऊपर धक्का देता है तथा ऑपरेटर से उठाकर साइड में रख देता है। Faults of press machines प्रेस मशीन में तरह-तरह के fault आते हैं जिनमें से की कुछ विशेष को मै इस पोस्ट में डिस्क्राइब करूंगा।

1-lubricaton fault
2-low air pressure
3-over load
4-fault alarm
5-push button
6-emergeny button fault
7-supply fault
8-contactor holding/not holding
9-relay burning
10-mcb burn
11-plc hang problem.


1-lubrication fault- मशीन में लुब्रिकेशन की बहुत ही ज्यादा आवश्यकता होती है यदि मशीन में लुब्रिकेशन नहीं होगा तो उसके parts आपस में घिसने लगेंगे। press machine मे grease pump लगा होता है तथा यह गिरीश पंप एक लिमिट स्विच से कनेक्ट होता है जैसे ही इस ग्रीस पंप में ग्रीस की मात्रा कम होती है तो यह panel पर लुब्रिकेशन फॉल्ट इंडिकेट करने लगता है तथा गिरीश पंप को द्वारा refill करने पर यह फोल्ड चला जाता है

2-low air pressure- press machine को चलाने के लिए एयर की जरूरत सबसे ज्यादा होती है press machine में अगर air कम हो जाती है तो press machine की slide नीचे नहीं आती है तथा air के कम होने पर हमें panel पर low air pressure का इंडिकेशन मिल जाता है तथा हमें तुरंत ही press machine को air की सप्लाई देनी चाहिए।

3-Over load- press machine की slide की हाइट को अगर बढ़ा दिया जाए जब उस पर die भी लगी हो अगर उस time stock लगाया गया है तो press machine की slide damage हो सकती है।

Basic of PLC in Hindi -  working of PLC in Hindi

4-fault alarm - press machine के electrical panel पर selector switch होता है जिसके द्वारा हम स्लाइड को इंच या सिंगल मोड में चलाते हैं अगर स्लाइड को हम 270 या फिर 360 डिग्री से कम होने पर उसको सिंगल मोड में चलाते हैं तब पैनल पर fault alarm  का इंडिकेशन आता है इसके अनुसार हमें प्रेस मशीन को सिंगल मोड में चलाने के लिए पहले slide को 360 डिग्री पर एडजस्ट कर लेना चाहिये

5-push button- प्रेस मशीन मे 2 push button का यूज किया जाता है  हैं जिससे कि हमारी स्लाइड नीचे ऊपर जाती है अगर कभी पुश बटन खराब हो जाते हैं तो इस स्थिति में हमारी स्लाइड अप डाउन नहीं होती है तथा हमें तुरंत ही  पुश बटन को चेंज कर देना चाहिए और हमारी press machine द्वारा से सुचारू रूप से चलने लगेगी तथा press machine इसमें सबसे ज्यादा प्रॉब्लम पुश बटन से ही आती है

6-emergency push button- press machine में safty  के लिए एमरजैंसी पुश बटन उसके अलग-अलग भागों पर लगाए जाते हैं अगर किसी स्थिति में एमरजैंसी पुश बटन खराब हो जाता है तो हमारी press machine कार्य नहीं करती है तथा हमें अपनी एमरजैंसी पुश बटन उसको ट्रबलीशूट करके उस बटन को द्वारा से लगाकर press machine को चला सकते हैं

7-supply fault- अगर plc को पावर सप्लाई से   नहीं मिलती है तब भी हमारी press machine नहीं चलती है इसका कारण यह होता है कि हमारी पावर सप्लाई खराब हो गई है तथा उसे तुरंत ही चेंज कर देना चाहिए और यदि हमारी मोटर को कोई एक या दो फेस नहीं जाता है तो भी हमारी press machine नहीं चलती है हमें मोटर के terminal पर supply चेक कर लेना चाहिए कि वहां पर प्रॉपर सप्लाई आ रही है या नहीं

8-contactor holding/not holding- आपको contactor के बारे में तो पता ही होगा press machine की मोटर जो होती है starting में वह star में चलती है तथा कुछ सेकेंड बाद वह delta हो जाती है तथा यह सारा कार्य contractor के द्वारा होता है  contactor ही मोटर को पावर सप्लाई पहुंचाता है अगर हमारा contactor के terminal चिपक गए हैं तब वह होल्ड नहीं होता है या फिर अगर contactor ऊपर ही फस गया हैं तो भी वह होल्ड नहीं होगा इस स्थिति में हम कहते हैं contactor खराब हो गया है या फिर hold नहीं हो रहा है कभी-कभी कॉन्ट्रैक्टर के द्वारा एक या दो phase ही मोटर तक पहुंचते हैं आजकल yangli press machine में मोटर को चलाने के लिए drive का यूज़ ज्यादा हो रहा है इनका प्रयोग होने से हमारे मोटर की life बढ़ जाती है तथा हमारा ब्रेकडाउन कम हो जाता है

9-relay burning- press machine panel में relay का प्रयोग बहुत होता है। press machine मे चलते समय relay हर समय on तथा off होती रहती हैं जिस कारण वह गर्म होकर जल जाती हैं तथा जली हुई relay का पता लगाना आसान नहीं होता  इसमें थोड़ा समय लगता है क्योंकि रिले का कोई इंडिकेशन हमारी पीएलसी पर नहीं होता है लेकिन जैसे-जैसे आप प्रेस मशीन के panel पर कार्य करते हुए कुशल हो जाते हैं वैसे वैसे आप इस फोल्ड को पहचानने लगते हैं

Electric Motor Works in Hindi - मोटर कैसे काम करती है

10-mcb burn- press machine मे MCB के जलने की condition बहुत ही कम होती हैं लेकिन कुछ स्थिति में MCB जल जाती है जली MCB को पहचानना बहुत आसान होता है अगर MCB जल गई है तो हमें output पावर सप्लाई नहीं मिलेगी पता हमें तुरंत ही MCB को चेंज कर देना चाहिए

11-plc hang problem- प्रेस मशीन में अक्सर पीएलसी हैंग की प्रॉब्लम देखी जाती है पीएलसी अगर पीएलसी हैंग हो गई है और हमारे अगर हमारे डिस्प्ले पर कोई भी फॉल्ट इंडिकेशन नहीं दिखाई दे रहा है तो काफी चांस हैं क्योंकि पीएलसी हैंग हो गई है इस स्थिति में आप आप प्रेस मशीन की व्हेन एमसीबी को डाउन कर सकते हैं कर देते हैं बता दो यार 5 मिनट बाद एमसीबी को उठा कर आप प्रेस मशीन को सुचारू रूप से चला सकते हैं क्योंकि अब आपकी पीएलसी का प्रोग्राम रिसेट हो गया होता है।

अगर आप manufacturing industry में काम करते हैं तो आपने press machine जरूर देखी होगी प्रेस मशीन की जानकारी होना बहुत ही जरूरी हो जाता है अगर आप किसी भी manufacturing industry में maintenance department का इंटरव्यू देने गए हैं तुम्हारी यह press machine की post बहुत काम आ सकती है

Press Machine । Working of Press Machine Press Machine ।  Working of Press Machine Reviewed by Indrajeet Saini on February 05, 2019 Rating: 5
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